जब भी कोई सड़क दुर्घटना होती है और व्यक्ति घायल अवस्था में सड़क पर गिरा हो तो इस मंज़र को देखकर कुछ लोग तो अपने काम से काम रखते हुए Oh Shit कहकर चलता बनते है। बातों व सुझाव के अमीर आदमी घायल व्यक्ति की तत्काल मदद करने के बजाय एक-दुसरे को सुझाव देते हुए कहते है अरे कोई एम्बुलेंस को फ़ोन करो भाई, कोई इसको अस्पताल ले चलो भाई, कोई इसके घर वालों को फ़ोन करो भाई, कोई पुलिस की बुलाओ भाई, लेकिन मदद के इए कोई घायल व्यक्ति को हाथ नहीं लगाता।
ट्रैफिक नियमों का उल्लघन करने पर तुरंत फोटो क्लिक करने और कभी-कभी पैसा लेकर छोड़ देने वाली ट्रैफिक पुलिस भी उस समय MR.INDIA बन कर न जाने पल भर में कहाँ गायब हो जाते है।
फिर कोइ एक व्यक्ति निस्वार्थ और स्वेक्षा भाव से उस घायल व्यक्ति की तरफ बढ़कर उसकी मदद करता है और फिर उसे नज़दीकी अस्पताल में ले जाता है। सही मायने में ऐसा व्यक्ति ही होता है हमारे समाज का रियल हीरो और "गुड सेमेटेरियन" (नेक आदमी)।
*अगर आप भी सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को स्वेक्षा से एक घंटे के अन्दर नज़दीकी सरकारी अस्पताल पहुंचा कर उसकी जान बचाते है तो आप "गुड सेमेरिटन" (नेक आदमी) कहलायेंगे और आपको 5000 रुपये इनाम और प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा।
*आपको किसी भी प्रकार से परेशान नही किया जायेगा और ना ही दुर्घटना का गवाह बनने के लिए आपको बाध्य किया जाएगा।
*सरकारी अस्पताल के चिकित्सक से बात करने पर मुझे "गुड सेमेरिटन" (नेक आदमी) योजना के बारे में जानकरी प्राप्त हुआ।
Team Udan
Harshit M.Tripathi
