ड्रामा स्कूल
में ट्रेनिंग के दौरान हमारी पूरी टीम को एक नुक्कड़ नाटक में काम करने
का मौका मिला। हमारी ड्रामा
स्कूल की संचालक मैडम ने ये ड्रामा तैयार किया था और हम सभी
एक्टिंग स्टूडेंट्स ने इस ड्रामा में भाग लिया था। वो एक अद्भुत
अनुभव था जब हम लोगों ने बेटी बचाओ, बेटी पढाओ जैसे मुद्दे पर गाँव में जाकर हमने नाटक के
माध्यम से समाज को बेटी बचाओ, बेटी पढाओ का सन्देश दिया था। लेकिन लोग नुक्कड़ नाटक की
टीम को देखते ही ये समझ बैठते है की ये तो नौटंकी वाले है और नौटंकी ही
दिखायेंगे चाहे आप कितनी ही शिक्षाप्रद विषयों पर नाटक क्यों ना खेलें। जिस दिन जनता
ये विचारधारा बना ले कि नुक्क्कड़ नाटक करने वाले कलाकार मनोरंजन के साथ-साथ
शिक्षा और सन्देश भी देते है उस दिन बेटी बचाओ,बेटी पढाओ जैसे नाटकों के मंचन का असली मकसद पूर्ण
होगा।
Team Udan
Harshit M.Tripathi
उड़ान,द रियल स्टोरी शो