"जहाँ जमाई तवा-परात,वहीं गुज़ारी सारी रात....."।
और इन बेचारों के पास चारा भी क्या है....? सिवाय इसके कि "रुखी सुखी खाय के ठण्डा पानी पीय,देख पराई चुपड़ी मत ललचाय जी"।
जी हाँ, इन गरीबों का यही कटु सत्य है।
जरा सोचिये......
Team Udan,
दर्शना अर्जुन"विजेता"
उड़ान,द रियल स्टोरी शो@जरा सोचिये

